Thursday, 21 May 2020

एक ऐसी चीज जिसके बिना है हर पूजा अधूरी

हिंदू धर्म


यह चीज हर पूजा का आधार है। इस चीज के बिना हर पूजा अधूरी है। हिंदू धर्म आस्था का प्रतीक हैं। हिंदू धर्म आधार स्तम्भ है "पूजा- अर्चना", और हमारे देश का हर व्यक्ति अपने सामर्थ्य के हिसाब से पूजा करता है।
 हमारे देश के हर कार्य की शुरुआत पूजा से होती हैं। हर वर्ग के अलग - अलग विधि विधान से पूजा कार्य होता हैं। परन्तु ये वो वस्तु है जो हर धर्म में और सभी देवी देवताओं के लिए जरूरी है। सभी देवी देवता इस वस्तु के उपयोग स खुश रहते हैं। इसे धार्मिक लिहाज से भी बहुत शुभ माना जाता है। पूजा में इसके कुछ दाने ही आपकी सोई किस्मत को जागा सकते हैं। जानें कैसे?

पूजा पाठ में इसका अपना महत्वपूर्ण स्थान होता है। तिलक लगाना हो या पूजा-पाठ करना हो उसमें भी इसका का प्रयोग किया जाता है। 

अक्षत का अर्थ होता है कि जो टूटा ना हो। चावल का जिस पूजा में प्रयोग होता है यदि पूजा में कुछ अन्य चीजें चूक वश छूट भी जाएं तो चावल के चढ़ावे से वह भूल माफ मानी जाती है। कई बार ऐसा होता है कि कुछ चीजें कुछ देवाता या देवी को पूजा में चढ़ाने की मनाही होती है, जैसे तुलसी को कुमकुम, गणेशजी को तुलसी, शिवजी को हल्दी नहीं चढ़ाई जाती, लेकिन अक्षत ऐसी महत्वपूर्ण पूजन सामग्री है जिसे हर पूजा में हर देवी-देवता को चढ़ाया जाता है। अक्षत यानी चावल के कुछ दाने का प्रयोग आपके घर में सुख-शांति और धन-समृदधि सब कुछ दे सकता है।

मंत्र-
अक्षताश्च सुरश्रेष्ठ कुंकुमाक्ता: सुशोभिता:।
मया निवेदिता भक्त्या: गृहाण परमेश्वर॥

इस मंत्र का अर्थ यही होता है कि हे भगवान कुमकुम के रंग से सुशोभित यह अक्षत आपको समर्पित हैं, कृपया आप इसे स्वीकार करें। इसका यही भाव है कि अन्न में अक्षत जिसे सबसे श्रेष्ठ माना गया है। जिसे देवान्न भी कहा जाता है साथ ही यह सभी देवताओं का प्रिय अन्न होता है। इसलिए इसे सुगंधित द्रव्य कुमकुम के साथ आपको अर्पित कर रहे हैं। इसे ग्रहण करें, आप भक्त की भावना को स्वीकार करें।

  • याद रखें कि जब भी पूजा में आप अक्षत यानी चावल के दाने प्रयोग करें वह संपूर्ण हो। यानी चावल के दाने टूटे नहीं होने चाहिए। टूटा चावल अशुभ माना जाता है। चावल के कुछ दाने रोज भगवान को चढ़ाने से आपको ऐश्वर्य की प्राप्ति हो सकती है।
  • शिवलिंग पर चावल चढ़ाना बहुत ही फलदायी माना गया है। यदि आपके पास धतुरा या कनैल का फूल नहीं भी है और आप शिवलिंग पर अक्षत चढ़ा दें तो आपको असीम फल की प्राप्ति होगी। अक्षत चढ़ाने वाले को भगवान शिव धन-वैभव और सम्मान प्रदान करते हैं।
  • यदि आपके घर में आर्थिक समस्या बनी रहती है तो आपको अपने घर कें मंदिर में मां अन्नपूर्णा की स्थापना करनी चाहिए और उनकी प्रतिमा चावल के ढ़ेर पर स्थापित करना चाहिए। इससे आपके घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होगी।
  • यदि आपके घर में आर्थिक समस्या बनी रहती है तो आपको अपने घर कें मंदिर में मां अन्नपूर्णा की स्थापना करनी चाहिए और उनकी प्रतिमा चावल के ढ़ेर पर स्थापित करना चाहिए। इससे आपके घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होगी।
  • देवताओं का प्रिय अन्न है चावल और यही कारण है कि इसे देवतान्न भी कहा गया है। इसे सुगंधित द्रव्य कुंकुम के साथ भगवान अर्पित करना चाहिए। ये आपकी मनोकामनाओं को पूर्ण करने का जबरदस्त उपाय है।
  • अपने ईष्ट देव के नाम से भी अक्षत का चढ़ावा जरूर चढ़ाया करें। ये आपके घर में सौभाग्य लाएगा।
  • विवाह की कई रस्मों में अक्षत का प्रयोग किया जाता है। माना जाता है कि अक्षत से दुष्टात्माएं भागती हैं। इसलिए वर-वधू इसे अग्नि में समर्पित करते हैं। परिवार के लोग जोड़े के ऊपर अक्षत छिड़कते हैं। मान्यता है कि इस तरह दोनों को जीवन में समृद्धि प्राप्त करने का आशीर्वाद दिया जाता है।

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