Saturday, 16 May 2020

लालबागचा राजा

लालबाग का राजा – गणपति बहुत मशहूर हैं. लोग इन्हें मन्नत के गणपति भी कहते हैं, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि यहां आकर गणपति से मांगने पर वो आपकी सभी मुरादे पूरी कर देते हैं. लालबाग का राजा गणपति कितने लोकप्रिय है।लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की स्थापना वर्ष 1934 में हुई थी। यह मुंबई के लालबाग, परेल इलाके में स्थित हैं।यह गणेश मंडल अपने 10 दिवसीय समारोह के दौरान लाखों लोगों को खासा आकर्षित करता है। इस प्रसिद्ध गणपति को ‘नवसाचा गणपति’(इच्छाओं की पूर्ति करने वाले) के रूप में भी जाना जाता है। हर वर्ष केवल दर्शन पाने के लिए यहां करीबन 5 किलोमीटर की लंबी कतार लगती है, लालबाग के गणेश मूर्ति का विसर्जन गिरगांव चौपाटी में दसवें दिन किया जाता है।

लालबाग के राजा की कहानी इस प्रकार है. आज जहां पर लालबाग के राजा विराजमान हैं, पहले वहां पर अंग्रेजों के जमाने में मिल मजदूर रहा करते थें. उसके बाद साल 1930 में विकास के नाम पर उनको वहां से निकला दिया गया, जिसके बाद उन लोगों ने श्री गणपति महराज से ये मन्नत मांगी कि अगर उनके सर की छत बची रही तो वो गणपति जी की प्रतिमा वहां स्थापित करेंगे. बेघर लोगों को नई जगह के साथ-साथ सर पर छत भी मिल गई और उन्होंने अपनी मन्नत मानते हुए वहां उसी समय पर गणपति की एक मुर्ति के स्थापना की और उनको दिया नया नाम, मन्नतों के गणपति. तब से यहां बड़े ही भव्य अंदाज में पूजा-अर्चना होने लगी. लोग यहां दूर-दूर से आते और अपनी-अपनी मन्नत मानते. आज भी ये सिलसिला यू हीं बरकरार है. बता दें कि यहां हर साल उत्सव में गणपति का रुप बदला जाता है. यहां लाखों-करोड़ों की तादात में चढ़ावा आता है, जिससे गरीबों का पेट भरता और वहां रहने वाले मजूबर लोगों की मदद की जाती है.

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