Thursday, 25 June 2020

आने वाली है देवशयनी एकादशी, नहीं होंगे मंगल कार्य

एक जुलाई को देवशयनी एकादशी ने भगवान का शयनकाल शुरू हो रहा है। इसके साथ ही मांगलिक कार्य भी बंद हो जाएंगे। साथ ही चातुर्मास भी शुरू हो रहा है 4 और अधिकमास होने ने चातुर्मास की अवधि भी लंबी होगी। इससे मांगलिक कार्यों के लिए लंबा इंतजार करना होगा। 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी को भगवान का शयनकाल पूर्ण होने से फिर से मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।

देवशयनी एकादशनी से भगवान का शयन काल शुरू होता है। पुराणों के अनुसार यह भगवान विष्णु का शयन काल होता है। वे चार मास के लिए क्षीरसागर में शयन करते हैं। इस वजह से देवशयनी एकादशी को हरिशयनी एकादशी भी कहते हैं।

चातुर्मास को एक यज्ञ की संज्ञा दी गई है। इन दिनों तपस्वी भ्रमण नहीं करते और वे एक ही स्थान में रहकर तप पूजन करते हैं। चातुर्मास की अवधि में मांगलिक कार्य भी वर्जित माने गए हैं। मान्यता है कि श्रीहरि के शयन में चले जाने से मांगलिक कार्यों में देवताओं का आशीष नहीं मिल पाता है

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