Monday, 15 June 2020

तुलसी के पत्तों के अदभुत फायदे

भारत के लगभग हर घर में आपको होली बेसिल यानी तुलसी का पौधा नजर आ जाएगा। अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए तुलसी का उपयोग करना चाहिए। तुलसी एक ऐसी दिव्य औषधि वाला पौधा है, जो कई तरह के मर्ज की दवा साबित होता है। हिन्दू धर्म में इसे एक खास स्थान दिया गया है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, जिस घर के आंगन में तुलसी का पौधा होता है, वहां बैक्टीरिया और जीवाणु प्रवेश नहीं कर पाते हैं। साथ ही घर का वातावरण भी शुद्ध होता है। तुलसी किस तरह से मानव जीवन को रोगों से छुटकारा दिलाने में कारगर साबित होती है। लेकिन तुलसी का सेवन खाली दूध के साथ कभी नहीं करना चाहिए। - तुलसी को दांतों से चबाना नहीं चाहिए, क्योंकि इसमें स्वाभाविक रूप से पारद तत्व की मौजूदगी होती है, जो दांतों के लिए हानिकारक होता है।

सुबह खाली पेट तुलसी का सेवन 

सुबह खाली पेट तुलसी के 5 पत्ते खाने से सर्दी-खांसी में राहत मिलती है, इम्यून सिस्टम बेहतर होता है और व्यक्ति का मानसिक तनाव भी दूर होता है।

सर्दी बुखार को दूर करे 
तुलसी की हरी पत्तियों का सेवन करने से सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, बच्चों का दमा, सिर दर्द जैसी अनेक मौसमी बीमारियों से छुटकारा मिलता है। खांसी-जुकाम में तुलसी के पत्ते, अदरक और काली मिर्च से तैयार की हुई चाय पीने से तुरंत लाभ होता है। और बारिश के मौसम में रोजाना तुलसी के पांच पत्ते खाने से मौसमी बुखार व जुकाम जैसी समस्याएं दूर रहती हैं।

तुलसी के सेवन से वजन घटाएं
तुलसी के पत्तों का 250 ग्राम रस आठ हफ्तों तक रोजाना दिन में दो बार व्यायाम और सही खान पान के साथ लेने से शरीर का वजन, बीएमआई और शरीर में इन्सुलिन को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं।

गले की खराश मिटाए
गले के लिए तुलसी पानी पीने के फायदे उठाने के लिए एक गिलास पानी में सात-आठ तुलसी के पत्ते उबाल कर उस पानी का सेवन करना चाहिए । इस पानी से गरारे भी कर सकते हैं।

डायबिटीज़ मिटाए
रोज सुबह खाली पेट तुलसी का पानी पीने से डायबिटीज़ को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। तुलसी में हाइपोग्लाइसेमिक गुण होते हैं। इनके कारण शरीर में ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है।

सांस की दुर्गंध दूर करे
सांस की दु्र्गंध को दूर करने में भी तुलसी के पत्ते काफी फायदेमंद होते हैं। मुंह की दुर्गंध ज्यादातर पाचन शक्ति कमजोर हो जाने के कारण होती है। तुलसी नेचुरल होने की वजह से इसका कोई साइडइफेक्ट भी नहीं होता है। अगर आपके मुंह से बदबू आ रही हो तो तुलसी के कुछ पत्तों को चबा लें, ऐसा करने से दुर्गंध चली जाती है। सांसों की समस्या से भी तुलसी राहत दिलाती है। अगर सांस लेने में दिक्कत हो रही हो, तो तुलसी के आधा चम्मच रस में शहद मिलाकर पिएं, आराम मिलेगा।

चोट लगने पर:
अगर आपको कहीं चोट लग गई हो तो तुलसी के पत्ते को फिटकरी के साथ मिलाकर लगाने से घाव जल्दी ठीक हो जाता है। तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल तत्व होते हैं जो घाव को पकने नहीं देता है। इसके अलावा तुलसी के पत्ते को तेल में मिलाकर लगाने से जलन भी कम होती है।

फेफड़ों में सूजन दूर करें 
फेफड़ों में सूजन आने से व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जैसे बुखार, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ आदि, ऐसे में व्यक्ति को डॉक्टरी दवाओं के साथ-साथ तुलसी के पत्तों का लगभग 15 ग्राम रस सुबह-शाम खाली पेट विशेषज्ञ की सलाह से लेना चाहिए।

हेयर फॉल घटाए

तुलसी की पत्तियां हेयर फॉलिकल्स को फिर से सक्रिय कर बालों को झड़ने से बचा सकती हैं। साथ ही बालों को जड़ों से मजबूत बना सकती हैं। इसके अलावा, स्कैल्प को ठंडा करती हैं और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर कर सकती हैं।

मुंह के छालों से निजात
अगर किसी व्यक्ति के मुंह में छाले हो, तो उसे तुलसी की पत्तियों का रस पीना चाहिए या फिर पत्तियां चूसनी चाहिए। इससे छालो में राहत मिलती है।




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